लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधे जाने के बाद देश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर सीधे गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला, जिसके तुरंत बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपने वरिष्ठ नेता के बचाव में खुलकर सामने आ गई।
विपक्षी नेता ने छात्र आंदोलनों के प्रति सरकार के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की जायज मांगों को सुनने और सुलझाने के बजाय प्रशासन और पुलिस बल का इस्तेमाल करके उनकी आवाज को कुचला जा रहा है। राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए गृह मंत्रालय और गृह मंत्री की नीतियों को सीधा जिम्मेदार ठहराया।
राहुल गांधी के इस हमले के बाद बीजेपी की ओर से भी जोरदार जवाब आया। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह का बचाव करते हुए कांग्रेस नेता के आरोपों को निराधार और भ्रामक करार दिया। सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे सदन में बहस के दौरान 'भागने' के बजाय पूरी गंभीरता और तथ्यों के साथ चर्चा में हिस्सा लें।
बीजेपी ने यह भी कहा कि सरकार देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ युवाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस नए राजनीतिक घमासान के बाद संसद से लेकर सड़कों तक छात्र आंदोलन और पुलिस की भूमिका को लेकर बहस और तेज हो गई है।
स्रोत: thegkptimes

