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गोरखपुर

हिसाब मांगने पर ट्रैक्टर ड्राइवर को बंधक बनाकर जानलेवा हमला

✍️ खजनी संवाददाता 🕒 22 अगस्त 2026 372 व्यूज़
हिसाब मांगने पर ट्रैक्टर ड्राइवर को बंधक बनाकर जानलेवा हमला
लोहे की रॉड और चाकू से पीटा, खजनी पुलिस पर आरोपी को बचाने का गंभीर आरोप

गोरखपुर। खजनी थाना क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने और दबंगों की हैवानियत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। तीन साल की मेहनत की मजदूरी और हिसाब मांगना एक बेबस ट्रैक्टर ड्राइवर के लिए काल बन गया। मनबड़ मालिक और उसके साथियों ने ड्राइवर को बंधक बनाकर चाकू व लोहे की रॉड से तब तक पीटा, जब तक वह मरणणासन्न स्थिति में नहीं पहुंच गया। हद तो तब हो गई जब खून से लथपथ पीड़ित इंसाफ की गुहार लगाने थाने पहुंचा, तो वहां मुस्तैद दारोगा जितेंद्र यादव पीड़ित की मदद करने के बजाय दबंग आकाओं की जी-हजूरी में जुट गए। झांसे में बुलाकर चारदीवारी में किया बंधक पीड़ित महेंद्र कुमार के मुताबिक, वह पिछले तीन वर्षों से दीपक यादव उर्फ ‘नंगा यादव’ के यहां ट्रैक्टर ड्राइवर का काम कर रहा था। जब भी वह अपनी मेहनत की मजदूरी मांगता, तो आरोपी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करता और विरोध करने पर पीटता था आरोप है कि घटना के दिन महेंद्र को षड्यंत्र के तहत फोन करके बुलाया गया और ट्रॉली पंचर होने का बहाना बनाकर बसियाख़ोर अपने घर के बगल के खाली प्लॉट के अंदर खींच लिया गया।प्लॉट के अंदर पहले से मौजूद नंगा यादव, उग्रसेन यादव उर्फ ‘गुरु’, सत्यपाल यादव उर्फ ‘भकालू’ और उनके 2 अन्य साथियों ने महेंद्र पर धारदार चाकू और लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी उसे तब तक बेरहमी से पीटते रहे जब तक वह बेहोश होकर जमीन पर नहीं गिर पड़ा।साक्ष्य मिटाने के लिए फोड़ा मोबाइल कूदकर बचाई जानहोश आने पर पीड़ित ने आरोपियों को अपनी हत्या की साजिश रचते सुना, तो वह अपनी बची-कुची ताकत समेटकर चारदीवारी कूदकर भाग निकला। मारपीट के दौरान महेंद्र ने अपने फोन से कुछ वीडियो बनाने की कोशिश की थी, जिसे आरोपियों ने छीनकर मौके पर ही चकनाचूर कर दिया ताकि हैवानियत का कोई सबूत न बचे। लहूलुहान पीड़ित को दारोगा ने दुत्कारा, मुख्य आरोपी को थाने के गेट तक छोड़ कर आये शरीर से बहते खून और असहनीय दर्द के बावजूद भयभीत पीड़ित सीधे खजनी थाने पहुंचा। लेकिन वहां न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पीड़ित को दरोगा जितेंद्र यादव के कड़े रवैये का सामना करना पड़ा। आरोप है कि दारोगा जी शासन की नौकरी भूलकर दबंग मालिक के बचाव में उतर आए। एक तरफ पीड़ित के शरीर से लगातार खून बह रहा था, तो वहीं दारोगा जी उसे ही डांट-फटकार कर भगाने में लगे रहे। पुलिस के इस रवैये से टूटकर पीड़ित थाने में ही फफक-फफक कर रो पड़ा।चौंकाने वाली बात यह रही कि *उच्च अधिकारियों के सख्त निर्देश थे कि मुख्य आरोपी को तत्काल हवालात में डाला जाए इसके बावजूद दारोगा जितेंद्र यादव ने आलाधिकारियों के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए मुख्य आरोपी को थाने के मुख्य गेट से सुरक्षित बाहर निकाल दिया।सीओ साहिबा की संवेदनशीलता से जगी इंसाफ की किरण थाने पर खाकी के इस दोहरे चरित्र के बीच क्षेत्राधिकारी (CO) खजनी पीड़ित के लिए मसीहा बनकर सामने आईं। उन्होंने तत्काल पीड़ित को अपने पास बुलाकर उसकी आपबीती सुनी और उसके शरीर पर लगे जख्मों को देखा। सीओ साहिबा ने पीड़ित को आश्वस्त किया कि मामले में कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा और आरोपियों समेत उनका बचाव करने वालों पर सख्त विधिक कार्रवाई होगी।
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