कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल के अलावा बिहार में एके-47 तानने के मामले ने भी चिंता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पुलिस की इन कार्रवाइयों में कानूनी प्रक्रिया और मानवाधिकारों के उल्लंघन के संकेत मिलते हैं। हालांकि, अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ या नहीं। सवाल यह भी उठ रहा है कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाने के लिए इतने गंभीर हथियारों की जरूरत क्यों पड़ी?
दिल्ली और बिहार में हुई इन घटनाओं ने सरकारी तंत्र की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं। प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए फेस रिकग्निशन तकनीक के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। अब देखना होगा कि इन सवालों का संतोषजनक जवाब देने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।
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