देश के पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने के लगभग दो सप्ताह बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सरकार से अलग होने के बाद से ही उनके इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं गर्म थीं, जिस पर अब खुद धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
अपने त्यागपत्र के फैसले पर पहली बार खुलकर बात करते हुए उन्होंने इस बात की जानकारी दी कि आखिर किन परिस्थितियों में उन्होंने यह कदम उठाया। धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनके अचानक पद छोड़ने को लेकर मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे। उनके इस सार्वजनिक स्पष्टीकरण के बाद अब अटकलों के दौर पर विराम लगने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश की शैक्षणिक नीतियों और महत्वपूर्ण योजनाओं में अहम भूमिका निभाई थी। उनके अचानक हटने से प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर व्यापक हलचल पैदा हो गई थी। हालांकि, दो हफ़्ते के लंबे इंतजार के बाद आए उनके इस नए बयान ने स्थिति को काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है।

