वाराणसी। उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। वाराणसी में रविवार सुबह बाइक से घर लौट रहे 55 वर्षीय साड़ी कारोबारी की गर्दन चाइनीज मांझे की चपेट में आने से कट गई। गर्दन कटते ही तेजी से खून बहने लगा और कारोबारी ने सड़क पर तड़पते हुए दम तोड़ दिया। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक हादसा रविवार सुबह करीब 9 बजे कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर हुआ। कारोबारी नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में दर्शन करने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक आसमान से आया मांझा उनकी गर्दन में लिपट गया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही मांझे ने उनकी गर्दन काट दी।हादसे के बाद मौके पर मौजूद एक राहगीर युवक ने अन्य लोगों की मदद से घायल कारोबारी को बाइक से अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।20 घंटे में चाइनीज मांझे से दूसरी मौत
वाराणसी की यह घटना गोरखपुर में हुई दर्दनाक घटना के करीब 20 घंटे बाद सामने आई है। शनिवार को गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र में इलाहीबाग बंधे के पास चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 35 वर्षीय रमेश कनौजिया की गर्दन कट गई थी। गंभीर रूप से घायल रमेश को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
लगातार दो मौतों के बाद प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।2016 से प्रतिबंध, फिर भी नहीं थम रहा इस्तेमाल
उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे पर वर्ष 2016 से प्रतिबंध है। इसके बावजूद बाजारों में इसकी बिक्री और पतंगबाजी में इस्तेमाल की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। फरवरी 2026 में प्रदेश सरकार ने भी चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए ऐसे मामलों में हत्या की धाराओं में कार्रवाई किए जाने की बात कही थी।
वाराणसी और गोरखपुर में लगातार हुई मौतों ने एक बार फिर प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर प्रभावी रोक और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है।




