गोरखपुर

मांगों पर वादाखिलाफी से भड़के शिक्षक, कुलपति पूनम टंडन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे।
✍️ सत्य प्रकाश यादव🕒 10 अगस्त 2026 3 व्यूज़

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच तल्खी चरम पर पहुंच गई है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सोमवार को संघ के महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. पूनम टंडन से मिलने पहुंचा था। हालांकि, वार्ता विफल रहने और मांगों पर सहमति न बनने के बाद शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।गौरतलब है कि विगत 4 अगस्त को अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों ने विरोध दर्ज कराया था। उस समय कुलपति द्वारा समाधान का लिखित/मौखिक आश्वासन दिए जाने के बाद आंदोलन को 10 अगस्त तक के लिए स्थगित किया गया था।शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि वार्ता के दौरान कुलपति ने पुरानी प्रतिबद्धताओं से साफ इंकार कर दिया। बार-बार मिल रहे आश्वासनों के बाद भी समाधान न निकलने से आक्रोशित शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति के रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।अनहोनी की जिम्मेदारी कुलपति की होगी: डॉ. निरंकार राम त्रिपाठीधरने की अगुआई कर रहे महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों के साथ लगातार छल किया जा रहा है। जब तक 8 सूत्रीय जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक यह धरना समाप्त नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भीषण गर्मी और मानसिक दबाव के बीच यदि आंदोलन के दौरान किसी भी शिक्षक के स्वास्थ्य या जीवन के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसकी पूरी जवाबदेही कुलपति प्रो. पूनम टंडन की होगी।

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